महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने की चर्चा को लेकर सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। शहर के प्रमुख चौराहे पर एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान “योगी–मोदी मुर्दाबाद” के नारे लगाए गए और सरकार पर संविधान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का नाम बदलना महात्मा गांधी के योगदान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इतिहास और संविधान से जुड़ी प्रतीकों को बदलकर अपनी राजनीतिक सोच थोपना चाहती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के लिए जीवनरेखा है और इसके नाम से छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।