यूपी के सुल्तानपुर में साइबर अपराधियों ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताकर भाजपा एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह को करीब पौने दो घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखा। इस दौरान आरपियों ने उन पर मानसिक दबाव बनाकर ठगी करने का प्रयास किया। हालांकि, वे ठगी करने में नाकाम रहे। साइबर क्राइम थाना प्रभारी अखंडदेव मिश्रा ने बताया कि 2 मार्च की दोपहर 12:22 बजे से 1:39 बजे के बीच एमएलसी के फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस क्राइम ब्रांच, मुंबई का अधिकारी बताया। वीडियो कॉल के दौरान वह पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रहा था। ताकि, एमएलसी को झांसे में लिया जा सके। बातचीत के दौरान उसने एमएलसी पर कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे आधार कार्ड भेजने को कहा। करीब एक घंटा 45 मिनट तक यह सिलसिला चलता रहा। जब एमएलसी के सहयोगियों ने आधार कार्ड भेजकर उसी नंबर पर दोबारा कॉल करके जानकारी लेनी चाही, तो सच्चाई सामने आ गई। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि जिस नंबर से कॉल आई थी, वह मध्य प्रदेश के सतना की एक महिला के नाम पर पंजीकृत है। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि कॉल करने वाले ने फर्जी पहचान बनाकर एमएलसी पर मानसिक दबाव डालते हुए साइबर ठगी का प्रयास किया। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साइबर अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।