निजी स्कूलों में महंगी फीस, ड्रेस और कॉपी-किताब के नाम पर उत्पीड़न का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। सपाइयों ने खुद को जंजीरों में जकड़कर अभिभावकों की दशा को प्रदर्शित किया। कहा कि स्कूलों ने अभिभावकों को इसी तरह जंजीरों में जकड़ रखा है और शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि एक ओर सरकार गरीब परिवार के बच्चों को शिक्षा से वंचित न रखने का दावा करती है तो दूसरी ओर निजी स्कूलों में उनका जमकर शोषण हो रहा है। सभी स्कूलों ने दुकान तय कर रखी है। उसके जरिए शिक्षा का व्यवसाय कर रहे हैं। एक ही दुकान से 17 स्कूलों की यूनिफॉर्म, मोजा, बेल्ट, टाई ऊंचे दामों में बेची जा रही है, जिससे अभिभावक परेशान हैं। इस मनमानी पर जिले के अफसर, जनप्रतिनिधि आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हुए हैं। चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सपा हस्ताक्षर अभियान और उग्र आंदोलन शुरू करेगी। महिला सभा की जिलाध्यक्ष गीता गौर ने कहा कि यह सरकार न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में विफल है, बल्कि महिला सुरक्षा और अधिकारों के मामले में भी पूरी तरह से असंवेदनशील है। प्रदर्शन में पूर्व नगर सचिव मनीष त्रिपाठी, पूर्व नगर उपाध्यक्ष सुरेश अग्रहरि, उषा भारती, जुनैद अंसारी, सुभाष भारती, गौतम, मुन्ना कुशवाहा आदि मौजूद रहे।