श्रावस्ती के जमुनहा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलरी निवासी कटान पीड़ित मतदाता सूची में अपना नाम बढ़वाने के लिए जिले से लेकर तहसील तक दर-दर भटकने को मजबूर हैं। साल 2014 में आई बाढ़ के दौरान इन ग्रामीणों के घर कट गए थे। सभी ने पड़ोसी जिला बहराइच के ग्राम पंचायत होलिया के मजरा लक्ष्मणपुर लहसोरवा में शरण ली थी। ग्रामीणों का कहना है कि उनका नाम न तो बहराइच में दर्ज है और न ही उनके गांव बेलरी की मतदाता सूची में है। ग्राम पंचायत बेलरी निवासी बच्चू यादव, सीताराम यादव, चेतराम यादव, बाउर यादव आदि ने बताया कि 2013 तक वो लोग बेलरी में रहते थे। इस दौरान साल 2014 में राप्ती ने विकराल रूप लिया और भीषण बाढ़ में उनके घर नदी में समाहित हो गए। बाढ़ से बेघर होने के बाद उन सभी ने साल 2014-15 में पड़ोसी जिला बहराइच के नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत होलिया के मजरा लक्ष्मणपुर लहसोरवा में नया आशियाना बनाया। लेकिन उनका नाम होलिया की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ। वहीं, उनके मूल ग्राम पंचायत बेलरी से भी उनका नाम हट गया।