भैयादूज पर यात्रियों को बसों में सवार होने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। बसों के चक्कर बढ़ने के बाद भी राहत नहीं मिली। सामान्य दिनों में आठ चक्कर एक बस लगाती है। भैयादूज पर दस चक्कर किए गए लेकिन इसके बाद भी यात्रियों को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हुई। वह भाइयों के घर जाने के लिए सुबह के समय निकली थीं लेकिन बस समय पर नहीं मिलने पर वह परेशान नजर आईं। महिलाओं ने बच्चों को खिड़की के सहारे सीट तक पहुंचाया।