समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खां के बीच लंबे समय से जमी बर्फ आखिरकार पिघल गई। करीब डेढ़ साल बाद बुधवार को रामपुर में दोनों नेताओं की लगभग डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात में गिले-शिकवे दूर होते नजर आए। अखिलेश यादव ने आजम खां को पार्टी की नींव बताया और भरोसा दिलाया कि सपा की सरकार बनते ही आजम पर लगे सभी “झूठे मुकदमे” वापस ले लिए जाएंगे।
यह मुलाकात जौहर यूनिवर्सिटी में हुई, जहां अखिलेश का हेलीकॉप्टर उतरा। वहां से दोनों एक ही कार में सवार होकर आजम खां के आवास पहुंचे। खास बात यह रही कि बातचीत के दौरान परिवार या अन्य नेता मौजूद नहीं थे। आजम खां ने इस मुलाकात को निजी बताया और कहा, “तिनका-तिनका बिखर गया है, घर में अब रोशनी करने वाला कोई नहीं।”
आजम ने मुलायम सिंह यादव के दौर को याद करते हुए कहा, “पहले एक और एक 11 थे, अब 111 हैं।” उन्होंने बसपा में जाने की अटकलों को नकारते हुए कहा कि “बुलाने वालों को बुलाने का हक है, मैं अपना काम कर रहा हूं।” वहीं अखिलेश ने कहा कि आजम खां सपा के पुराने साथी हैं, और जौहर यूनिवर्सिटी को बर्बाद करने की कोशिश समाज के भविष्य को नुकसान पहुंचाने के समान है।
दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब 2027 के चुनाव को लेकर सपा अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में आने वाले चुनाव और संगठनात्मक मसलों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने किसी भी तरह की नाराजगी से इंकार किया।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में रामपुर से प्रत्याशी चयन को लेकर दोनों के बीच मतभेद पैदा हो गए थे, जिससे रिश्तों में ठंडक आ गई थी। अब यह मुलाकात सपा में पुराने समीकरणों की वापसी का संकेत दे रही है।