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Video: रायबरेली...ट्रैक के मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद रेल इंजन को भेजा गया

आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) और लालगंज रेलवे स्टेशन के बीच किलोमीटर संख्या एमसीएफ 04 पर क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। शुक्रवार को पीडब्ल्यूआई और एई की देखरेख में ट्रैक का अनुरक्षण कराया गया। आवश्यक तकनीकी जांच के बाद ट्रैक को सुरक्षित घोषित किया गया। रेलवे प्रशासन की ओर से ट्रैक अनुरक्षण का क्लीयरेंस लालगंज रेलवे स्टेशन अधीक्षक को भेज दिया गया है। क्लीयरेंस मिलते ही रेल संचालन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कोच लाने के लिए रेल इंजन को आरेडिका भेजा गया। स्टेशन अधीक्षक शंभूनाथ सोनकर ने बताया कि ट्रैक का क्लीयरेंस प्राप्त हुआ है। इसके बाद शाम 8 बजे इंजन को स्टेशन से रवाना कर दिया गया। उधर आरेडिका की तरफ से घटना स्थल पर ट्रैक के दोनों तरफ 24 पेट्रोल क्लिप्स खुली मिलने का दावा किया है। आरेडिका प्रशासन का मानना है कि किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर पेट्रोल क्लिप निकाली। इसी वजह से रेल इंजन डिरेल हुआ। मामले को गंभीर मानते हुए आरेडिका के सिविल विभाग की ओर से आरपीएफ और स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायती पत्र दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। शुरूआती जांच में मानवीय हस्तक्षेप की आशंका सामने आई है। महज 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजर रहा इंजन अचानक डिरेल हुआ। यदि इंजन की गति नियंत्रित न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में न तो किसी प्रकार की जनहानि हुई और न ही रेल इंजन या ट्रैक को कोई स्थायी नुकसान पहुंचा। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र प्राप्त हो गया है। चूंकि मामला रेलवे से जुड़ा है इसलिए समन्वय स्थापित कर से जांच की जा रही है। आरेडिका के जनसंपर्क अधिकारी अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि घटना स्थल आरेडिका के जूरिडिक्शन में आता है। सिविल विभाग की ओर से ट्रैक के अनुरक्षण का कार्य कराया गया है। घटना से रेल संपत्ति को कोई क्षति नहीं हुई है। इंजन के डिरेल होने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

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