विद्यालयीय खेलकूद के अंतर्गत राइफल शूटिंग और तीरंदाजी में जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच कर नाम रोशन किया है, लेकिन पदक जीतने से चूक गए। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के साथ ही तीरंदाजी व राइफल शूटिंग में आगे बढ़ने के लिए जिले के खिलाड़ी निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें बेहतरीन प्रशिक्षण देने के लिए आदर्श कंपोजिट विद्यालय चक अहमदपुर तीन दिवसीय शिविर लगाया गया, जिसमें चंदौली से आए राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अखलाक अहमद ने प्रशिक्षण दिया। शिविर में तीरंदाजी का 18 और राइफल शूटिंग का 12 बच्चों ने प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी खिलाड़ियों को प्रशिक्षक ने धनुष-बाण और राइफल को पकड़ने का सही तराका बताया। धनुष-बाण या राइफल से कैसे निशाना लगाना है और उसे किस तरह चलाना है, इस बारे में तकनीकी गुर भी सिखाए। प्रशिक्षक ने खिलाड़ियों को निशानेबाजी की बारीकियां बताने के साथ अभ्यास भी कराया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण से खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार आने के साथ उनकी निशानेबाजी में सुधार भी दिखा है। संचालन मो. शोएब हसन खान ने किया। शिविर में नीलम, आरती, वंदना, बबीता, मो. नसीम आदि शिक्षकों ने सहयोग किया। प्रतिभाओं को निखारने और आगे बढ़ाना का पूरा प्रयास कंपोजिट विद्यालय चक अहमदपुर में शूटिंग रेंज और तीरंदाजी की व्यवस्था कराने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रधानाध्यापक मो. शोएब हसन खान बताते हैं कि बच्चों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं हैं। उन्हें निखारने और आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहला ऐसा बेसिक का सरकारी विद्यालय है, जहां तीरंदाजी व शूटिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है। तीन साल पहले बच्चों ने प्रशिक्षण लेकर राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाई तो वर्ष 2023-24 में तीरंदाजी और शूटिंग रेंज बनवाई गई। इससे बच्चों की संख्या बढ़ी। बीते वर्ष शूटिंग में समृद्धि शर्मा और तीरंदाजी में शिफा कुलसुम ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की। बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कोच बुलाए, ताकि अगली बार यहां के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित कर सकें। प्रतिभागी खिलाड़ी बोले, प्रशिक्षण से मिली मदद प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभाग करने वाली छात्राओं समृद्धि शर्मा और शिफा कुलसुम का कहना है कि पिछली बार जो कमियां रह गई थीं, उनमें सुधार करना है और अगली बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है। इसके लिए निरंतर अभ्यास कर रही हैं। आकाश, शिवा, अंश, अभय, इरफान ने कहा कि निशानेबाजी में उनकी रुचि है, इसीलिए प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा बने। इससे काफी मदद मिली है। लगातार अभ्यास कर रहे हैं, ताकि राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना सकें। कोमल, महक, राखी, शशि आदि छात्राओं ने कहा कि जिले की दो खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग किया तो उन्हें भी प्रेरणा मिली। इसीलिए प्रशिक्षण लेकर वे भी आगे बढ़कर नाम रोशन करना चाहती हैं।