करवाचौथ के पर्व पर बृहस्पतिवार शाम को चांद निकला तो सुहागिनों की आस्था हिलोरे मारने लगीं। श्रृंगार करने के बाद सुहागिनों ने करवा, सींक, चलनी के साथ पूजन का सजाया। किसी ने मंदिर में तो किसी ने छत तो कोई बाहर निकलकर चलनी से चांद का दीदार किया। पति के हाथों से जल ग्रहण करने के बाद अनुष्ठान पूर्ण किया। पति की सलामती के लिए सुहागिन महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती है। इसकी तैयारी में वह पिछले तीन दिनों से जुटी थीं। बुधवार को दिनभर महिलाएं व्रत की तैयारी में जुटी रहीं। बाजारों में सुहागिनों ने करवा, सींक, चलनी, नया चावल, चूड़ा, लाई गट्टा आदि वस्तुओं की खरीदारी कर एक दिन पहले तैयारी पूर्ण कर ली थी। रात में विधि- विधान से मीठा खाने के साथ करवा चौथ के व्रत की शुरुआत की। इधर बृहस्पतिवार को सुबह से स्नान, ध्यान करने के बाद सुहागिनों ने निर्जला व्रत का संकल्प लेकर अनुष्ठान शुरू किया। शहर के पंजाबी मार्केट, मीराभवन, शिवजीपुरम, जोगापुर, चौक घंटाघर, श्याम बिहारी गली, दहिलामऊ सहित शहर से लेकर गांव तक करवाचौथ के महापर्व की धूम रही।