मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने संभल जनपद में लूट के मामले में वांछित 25-25 हजार के दो इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में पकड़ा है। दोनों आरोपी अनिल दुजाना गिरोह के सदस्य है। दोनों आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हुए है। दोनों अंतर राज्जीय अपराधी है। उनसे बिना नंबर की एक बाइक व दो तमंचे व कारतूस बरामद हुए। दोनों आरोपी अपराध करने के इरादे से आए थे। एसएसएपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने करनाल हाईवे से सठेडी गांव की तरफ जाने वाले मार्ग पर मुठभेड़ में जनपद गौतमबुद्धनगर के थाना ईकोटेक के ग्राम खेडा चौगानपुर निवासी साहिल व जनपद गौतमबुद्धनगर के थाना फेस-तीन के गांव ममूरा निवासी अरुण कुमार उर्फ लोकेश उर्फ एलबी को पकड़ा। दोनों का संपर्क अनिल दुजाना गिरोह से हैै। वह यहां पर अपराध करने के इरादे से आए थे। दोनों आरोपियों ने अपने साथी नोएडा के थाना सूरजपुर के गांव देवला निवासी नवल उर्फ सुक्की, जिला महोबा के थाना चरखारी के गांव पाठा के मूल निवासी दीपक व जनपद पीलीभीत के थाना बिसलपुर के गांव अमृता खास निवासी अर्जुन के साथ मिलकर एक मनी बैंक के कर्मचारियों से 2 लाख 40 हजार रुपये लूटे थे। तीन बदमाशों को संभल पुलिस ने पकड़ कर एक लाख रुपये बरामद किए थे। बुढ़ाना पुलिस के साथ मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों आरोपी संभल लूट में वांछित थे। दोनों पर संभल पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दोनों ने बताया कि उन्होंने संभल में लूटे रुपये में से पचास हजार रुपये मुजफ्फरनगर जनपद क्षेत्र में छिपाए है। यह रुपये बरामद करने के लिए आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा। गिरफ्तार साहिल के खिलाफ गाजियाबाद, संभल आदि क्षेत्र में गंभीर धाराओं के आठ व अरुण के खिलाफ 18 मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की। दरोगा संदीप को दो हजार का नगद इनाम दिया। इस दौरान एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ बुढाना गजेंद्र पाल सिंह व बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी आनंद देव मिश्रा मौजूद रहे। रंगदारी के मुकदमे में डेढ़ माह पहले ही जमानत पर आया था अरुण- पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अरुण अनिल दुजाना गिरोह के सक्रिय सदस्य बिल्लू के साथ रंगदारी के मामले में गाजियाबाद जेल में पांच साल तक बंद रहा था। डेढ़ माह पहले ही वह जेल से छूट कर आया था। संभल में उसकी बहन रहती है। उसने अपने साथियों को बुला कर रेकी करने के बाद लूट की घटना को अंजाम दिया था। घटना के दौरान वह और उसके साथी अपनी कार को छोड़ कर भाग आए थे। यह कार जेल में बंद एक व्यक्ति की थी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के जनपद में रहने वाले साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।