आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि जब किसान सुखी होगा तब ही देश में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में किसान कर्ज की वजह से आत्म हत्या कर रहे हैं, यह चिंता का विषय है। ऐसा करने से उन्हें रोकना होगा। किसान अपने प्राण न गवाएं। इस समस्या को रोकने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी और गृहणी एक ही पंक्ति के तीन सदस्य हैं।