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VIDEO: लाखों भक्तों ने गुरु के चरणों में शीश झुकाकर लिया आशीर्वाद

मिर्जापुर जिले के सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्व गुरु स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के दर्शन और आशीर्वाद के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे। सुबह करीब पांच बजे से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह और गहरी आस्था दिखाई दी। गुरु दर्शन की लालसा में महिला और पुरुष श्रद्धालु अलग-अलग कतारों में घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कतार में खड़े भक्तों के चेहरे पर थकान के बजाय गुरु दर्शन को लेकर उत्साह और श्रद्धा साफ दिखाई दे रही थी। जैसे ही श्रद्धालुओं को गुरु के दर्शन और आशीर्वाद का अवसर मिला, उनके चेहरे खुशी और भावुकता से खिल उठे। भक्तों ने गुरु के चरणों में शीश झुकाकर नमन किया और अपने जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। अनेक श्रद्धालुओं ने गुरु के दर्शन को अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए कहा कि गुरु का आशीर्वाद उन्हें आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। श्रद्धालुओं का कहना था कि गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर गुरु के दर्शन और चरणों में शीश नवाने से मन को अपार शांति और संतोष की अनुभूति होती है। आश्रम परिसर में सुबह से ही भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा। चारों ओर 'जय गुरुदेव भगवान' के जयकारे गूंजते रहे। भक्त पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ गुरु दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में भी गुरु दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु परिवार सहित आश्रम पहुंचे और गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आश्रम प्रबंधन और सेवादारों की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी। सेवादार लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और भक्तों को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में जुटे रहे। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आश्रम परिसर में व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी गई। वहीं, लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अमला श्रद्धालुओं की भीड़, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। आश्रम के आसपास आने-जाने वाले मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी गई, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर परमहंस आश्रम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब गुरु के प्रति लोगों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बना। सुबह से लेकर दिनभर आश्रम परिसर में भक्ति की धारा बहती रही और जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। गुरु दर्शन के बाद श्रद्धालु भाव-विभोर होकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। गौरतलब है कि गुरु पूर्णिमा का पर्व भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धालु अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके चरणों में शीश झुकाते हैं और जीवन में सही मार्ग पर चलने के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सक्तेशगढ़ के परमहंस आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ी लाखों भक्तों की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि गुरु के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास कितना गहरा और अटूट है।

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