छठ महापर्व के चौथे व अंतिम दिन शुक्रवार को महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। भोर से ही गंगा घाटों व तालाबों में कमर भर पानी में सूप लिए खड़ी वर्ती महिलाओं के चेहरे पर अप्रतिम तेज झलक उठी। आसमान में लालिमा दिखते ही छठी मईया के जयकारे से गंगा घाट गुंजायमान हो उठा।महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर समृद्धि समृद्धि की कामना की।