मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के किला परीक्षितगढ़ रोड स्थित इनर रिंग रोड के समीप गंगानगर एक्सटेंशन योजना की भूमि पर किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कब्जे की कार्रवाई के दौरान किसानों की खड़ी सरसों की फसल को नष्ट कर दिया था। इसके विरोध में किसान और महिलाएं खेतों में बैठकर धरना दे रहे हैं। धरने पर बैठे किसान वीरेंद्र, नवाब, यूनुस, माया देवी, जबां, पूनम, अर्चना, सुमन, चंद्रवती, रामवती, शांति, मनोज और नरेश समेत अन्य किसानों का कहना है कि फसल मुआवजे से पहले भूमि (जन्मभूमि) का मुआवजा नए सर्किल रेट के अनुसार दिया जाए। बताया गया कि सोमवार को मेडा अधिकारियों ने खसरा संख्या 780, 781 और 782 की लगभग 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा लिया। कार्रवाई के बाद किसानों और महिलाओं ने सोमवार रात करीब दो बजे तक खेतों में डेरा डालकर निगरानी की। मंगलवार सुबह एक बार फिर किसान महिलाओं के साथ खेतों पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि जमीन को लेकर सितंबर माह में सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की गई थी, इसके बावजूद मेडा ने जल्दबाजी में फसल नष्ट कर कब्जा कर लिया। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक मौके पर अधिकारी पहुंचकर फसल के नुकसान का मुआवजा और नए सर्किल रेट के अनुसार भूमि का मुआवजा देने का आश्वासन नहीं देते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। रात में खेतों से इंजन चोरी इधर, धरने के दौरान किसानों ने चोरी की घटना का भी आरोप लगाया है। किसान नरेश और सुशील, निवासी अब्दुलापुर, ने बताया कि देर रात पुलिस प्रशासन ने सभी किसानों से घर लौटने को कहा था। किसान करीब दो बजे रात को घर चले गए, जिसके बाद खेतों में सिंचाई के लिए रखे इंजन चोरी हो गए। पीड़ित किसानों ने थाना भावनपुर पहुंचकर तहरीर दी है। इस संबंध में थाना भावनपुर के एसओ जोगेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।