कपसाड़ गांव में सुनीता का शव पहुंचने के करीब 19 घंटे रखा रहा। परिजनों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी समेत कई मांगों के पूरा होने तक अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की परिजनों के साथ दिनभर कई बार वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बनी। पूर्व विधायक संगीत सोम की मौजूदगी में प्रशासन ने जो आश्वासन दिया, उस पर सहमति बन गई। परिजनों को तत्काल दस लाख रुपये का चेक दिया गया, पुलिस ने 48 घंटे में युवती की बरामदगी का भरोसा दिलाया। इसके बाद शाम के समय अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। शवयात्रा में सरधना विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक संगीत सोम समेत राजनीतिक दलों समेत आम लोग भी शामिल हुए।