सुनीता की हत्या के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। शाम को दस लाख रुपये मुआवजे का चेक दिया गया। बाकी आर्थिक सहायता के लिए शासन से बात करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, शस्त्र लाइसेंस देने, हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी, युवती को सकुशल बरामद करने के आश्वासन पर सहमति बनी। इसके बाद शाम करीब सात बजे महिला का अंतिम संस्कार शुरू हुआ।