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Meerut Saurabh Case: जांच अधिकारी कर्मवीर सिंह की गवाही, सौरभ हत्याकांड में किया नया खुलासा!

ब्रह्मपुरी के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मंगलवार को केस के पहले विवेचक सब-इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह की गवाही हुई। जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में हुए इस बयान के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार चौबे और आरोपित मुस्कान रस्तोगी व साहिल शुक्ला की ओर से अधिवक्ता रेखा जैन मौजूद रहीं।

गवाही में एसआई कर्मवीर सिंह ने बताया कि सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उन्हें इस केस की प्रारंभिक जांच सौंपी गई थी। इसी दौरान उन्होंने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया तथा घटनास्थल से अहम साक्ष्य एकत्र किए। बाद में यह जांच ब्रह्मपुरी थानाध्यक्ष रमाकांत पचौरी को सौंप दी गई। वर्तमान में कर्मवीर सिंह रोहटा थाने में तैनात हैं।

गवाही पूरी होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से उनसे बरामद माल, सील, हस्ताक्षर और फोरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने जवाब दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता के अनुसार अदालत ने जिरह जारी रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख 4 दिसंबर तय की है। यह मुकदमा जिला जज संजीव पांडे की अदालत में ट्रायल के रूप में चल रहा है, जहां 36 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। अभी तक मृतक सौरभ के भाई बबलू, मां रेणु, दोस्त, डॉक्टर, मेडिकल स्टोर संचालक, ड्रम व हथियार विक्रेता, पोस्टमार्टम अधिकारी सहित 14 गवाह अपनी गवाही दे चुके हैं।

हत्या की पृष्ठभूमि
सौरभ राजपूत लंदन के एक मॉल में कार्यरत थे और इससे पहले मर्चेंट नेवी में नौकरी कर चुके थे। 24 फरवरी 2025 को वह मेरठ स्थित अपने घर लौटे थे। 25 फरवरी को उन्होंने बेटी पीहू और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया। इसके कुछ ही दिनों बाद 3 मार्च की रात पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की सीने में चाकू घोंपकर हत्या की और छुरी से उसकी गर्दन काट दी।

हत्या के बाद दोनों ने शव के टुकड़े किए और उन्हें प्लास्टिक के नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर दिया। 5 मार्च को वे हिमाचल प्रदेश के कसोल घूमने चले गए और 17 मार्च को लौटे। 18 मार्च को इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ। अगले दिन पुलिस ने वादी बबलू राजपूत की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपित तब से न्यायिक हिरासत में हैं।

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