इंदारा जंक्शन पर रविवार की रात दस बजे के करीब बिजली जाते ही अंधेरा हो गया। इस बीच टिकट काउंटर खिड़की पर टिकट लेने खड़े कुछ कुछ यात्री और रेलवे कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। यात्रियों द्वारा जनरेटर की सुविधा होने के बाद भी बिजली चली जाने पर अंधेरा होने पर सवालिया निशान उठाकर सवाल करने लगे, इस बात से नाराज रेलवे कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। बात बढ़ते देखकर करीब बीस मिनट बार रेलवे कर्मचारियों द्वारा जनरेटर चालू किया गया, जिससे दुबारा टिकट काटने का काम शुरू किया गया। यात्री रमेश, साेनू, राजहरी, कृष्णा प्रताप सिंह आदि ने बताया कि इंदारा जंक्शन जिले के मऊ जंक्शन के बाद दूसरा महत्वपूर्ण जंक्शन है, बावजूद यहां यात्री सुविधाओं का आभाव बना हुआ है।यहां बिजली जाते ही अंधेरा दूर करने के लिए जनरेटर है, लेकिन रविवार को बिजली जाने के करीब 15 मिनट बाद भी इसे चालू करने की कवायद नहीं की गई। यह स्थानीय रेलवे कर्मचारियों की उदासीनता और मनमानी रवैया का प्रतीक है। बताया कि इस जंक्शन से मधुबन,मझवारा,सेमरी जमालपुर, कसारा,रईसा,महुआर,अदरी, शाहपुर, खालिसपुर, बाडा़, कटवासं, अलीनगर, पहसा, चकरा सहित सैकड़ों गांवों के लिए इस जंक्शन से यात्रा करते हैं।इस स्टेशन से दिन भर में 35 से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन रहता है।उधर इस संबंध में वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है, लेकिन यह मामला गंभीर है, इस विषय में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी लेंगे।