मऊ में मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा के निकट टौंस नदी पर बने 48 साल पुराने पुल पर बैरियर लगाने को लेकर प्रशासन और व्यापारियों के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद आखिरकार रौजा मखदूम के पास बैरियर लगाने पर सहमति बन गई है। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार को लो-हाइट बैरियर भी स्थापित कर दिया है।जहां इस निर्णय से जहाँ एक ओर पुल को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर इसके परिणामस्वरूप दो प्रमुख रास्तों पर व्यापार प्रभावित होने की आशंका है और छात्रों-स्कूलों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही जा रही है। रौजा मखदूम के पास बैरियर लगाने के इस फैसले से आसपास के दो अन्य रास्तों पर आवागमन बाधित होगा, जिससे उन रास्तों पर निर्भर व्यापारियों का व्यापार ठप पड़ने की आशंका है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लालजी वर्मा ने इस व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि बाजार तो बच गया, लेकिन कस्बे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बंद हो गया है। उनकी मांग थी कि बैरियर पुल के पास लगाया जाए, जिससे पुल की सुरक्षा भी बनी रहे और क्षेत्र के लोगों को परेशानी भी न हो।इतना ही नहीं रौजा मखदूम पर बैरियर लगने से अतरारी, खैराबाद होकर आजमगढ़ की ओर जाने वाले इब्राहिमपुर, अमीलो, रेशमी नगरी, मुबारकपुर जैसे कस्बों और गांवों में बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित हो जाएगा। इस मार्ग पर बिल्डिंग मटेरियल की दर्जनों दुकानें हैं, जिनके व्यवसाय पर सीधे तौर पर असर पड़ेगा। व्यापारियों का कहना है कि यदि आवागमन बाधित हुआ तो उनका व्यापार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।