मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के वलीदपुर नगर पंचायत के भीरा पतलोईया पुरा मुहल्ला में बृहस्पतिवार की सुबह दो पक्ष आमने सामने हो गए। कारण बना कि आबादी जमीन पर आंबेडकर प्रतिमा का स्थापित होना। विवाद की सूचना पर तीन थाने की पुलिस फोर्स भी घटनास्थल पर पहुंच गई। जहां बाद में दोनों पक्षों को समझाने के बाद आंबेडकर प्रतिमा हटाने के बाद विवाद का निपटारा हुआ। जानकारी के अनुसार नगर पंचायत वलीदपुर मोहल्ला परासखाड़ निवासी रामाशीष यादव और जमीन शेखपुरा निवासी मनोरमा यादव दोनों लोगों ने नगर के मोहल्ला भीरा पतलोइया पूरा में आबादी की जमीन खरीदा था। जहां इन दोनों ने अपनी जमीन की साफ सफाई बुधवार को कराया था, बृहस्पतिवार को सुबह दूसरे पक्ष के नरमु राम, राजेंद्र राम आदि मोहल्ले के लोग बंजर की जमीन समझ कर उस पर चबूतरा बनाकर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी। इसकी सूचना जैसे ही रामाशीष यादव को लगी तो मौके पर पहुंच कर इस मामले की सूचना मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पुलिस को दी। उधर इस मामले की सूचना मिलने पर मुहम्मदाबाद गोहना प्रभारी सुरजीत सिंह ने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी, जिसके बाद घोसी, चिरैयाकोट, रानीपुर की पुलिस फोर्स के साथ मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पुलिस फोर्स और राजस्व विभाग से लेखपाल जाहिद खान और कानूनगो प्रकाश सिंह के मौके पर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के समझाने के बाद राजस्व विभाग के कानूनगो और लेखपाल द्वारा जमीन का सीमांकन करने के बाद आबादी घोषित कर दिया। इससे पहले करीब तीन घंटे तक चले दोनों पक्षों के विवाद कोb पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत करने के बाद सुलह समझौता कराया और जमीन पर बने चबूतरे और अंबेडकर मूर्ति को हटवाया गया। पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा दोनों लोगों को निर्देश दिया कि जब तक उच्च अधिकारी इस मामले कोई निर्णय नहीं ले लेते हैं तब तक कोई काम नही किया जायेगा। इस बाबत कोतवाली प्रभारी अतिरिक्त सुरजीत सिंह ने बताया कि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के कहीं पर मूर्ति स्थापित नहीं कर सकता सिर्फ अपने घर के अंदर ही मूर्ति की स्थापना हो सकती है इसलिए दोनों पक्षों को समझा बूझकर शांत कराया गया और जमीन में बने चबूतरे और मूर्ति को हटवा दिया गया है फिलहाल मामला शांत है।