महिला पहलवानों से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। कोर्ट के फैसले के बाद अपने घर जाने से पहले वे वृंदावन के वाराह घाट स्थित संत रितेश्वर महाराज के आश्रम आनंद लाडली धाम पहुंचे, जहां आश्रम के सेवादारों ने तिलक लगाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। ब्रजभूषण शरण सिंह ने अपने गुरु संत रितेश्वर महाराज के दर्शन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों के बीच लगभग आधा घंटे तक एकांतिक बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने महाराज जी के साथ आश्रम की कुटिया में ध्यान लगाया और आश्रम में स्थित शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि वे जजमेंट आने से पहले भी नागपुर जाकर संत रितेश्वर महाराज से मिले थे और अब बरी होने के बाद भी आशीर्वाद लेने आए हैं। विनेश फोगाट के हाईकोर्ट जाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका संवैधानिक अधिकार है। वहीं राजनीति में अपनी पुनः सक्रियता को लेकर उन्होंने गोस्वामी तुलसीदासजी की चौपाई दोहराते हुए कहा— "होइहि सोइ जो राम रचि राखा"। मामले को लेकर ब्रजभूषण सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ एक बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के पीछे कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, ममता बनर्जी, लेफ्ट-राइट दल और 'टुकड़ा-टुकड़ा गैंग' का हाथ था। उन्होंने कहा कि पहले दिन ही कहा था कि अगर मेरे खिलाफ एक भी आरोप सत्य साबित हो गया, तो मैं खुद फांसी पर चढ़ जाऊंगा। इस दौरान संत रितेश्वर महाराज ने कहा कि न्यायपालिका द्वारा धर्म और सत्य के रास्ते पर चलते हुए न्याय मिला है। उन्होंने ब्रजभूषण शरण सिंह को अपना पुत्र समान बताते हुए फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त की।