मथुरा के फरह में पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव के चौथे दिन रात्रिकालीन भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें प्रयागराज से आईं सुप्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या ने अपनी प्रस्तुति दी। भजन संध्या का शुभारम्भ भजन गायिका ने 'सत्यम शिवम् सुंदरम' गाकर किया। उसके बाद भजन 'मेरे मोहन मुरलिया वाले किया जीवन ये तेरे हवाले' बांकेबिहारी को समर्पित भजन गाया तो पंडाल में उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध होकर भजन गुनगुनाने लगे। जैसे ही भजन गायिका तृप्ति शाक्य ने अपना सुप्रसिद्ध भजन 'कभी राम बनकर आना, कभी श्याम बनकर आना' गाना शुरू किया तो सभी श्रोतागण झूमते हुए भजन गुनगुनाने लगे।