कजलियों का त्योहार बुंदेलखंड का लोकपर्व है, जो रक्षाबंधन के अगले दिन मनाया जाता है। अच्छी फसल और खुशहाली के लिए मनाए जाने वाले इस पर्व पर विभिन्न मोहल्लों से सिर पर कजलियां सजाए और साथ में राई सैरा का मृत्य करते ग्रामीणों की टोलियां हनुमान जी मंदिर टौरिया परिसर स्थित नवलसा गौड़ बाबा के दरबार में पहुंचीं। महिलाओं और पुरुषों ने यहां राई सैरा का नृत्य किया और ढाकों पर लोक गायन हुआ। ग्रामीणों ने बाबा से पूरे गांव की खुशहाली की फरियाद लगाई।