धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध बिठूर स्थित वाल्मीकि आश्रम परिसर में बना वन देवी कुटी मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि वनवास के दौरान माता सीता ने इसी स्थान पर अपने पुत्रों लव और कुश के साथ निवास किया था। यही वजह है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वाल्मीकि आश्रम में स्थित सीता कुंड के समीप बने वन देवी कुटी मंदिर का उल्लेख स्थानीय धार्मिक परंपराओं में विशेष रूप से मिलता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में रहते हुए माता सीता ने अपने दोनों पुत्रों का पालन-पोषण यहीं किया था।