कर चोरी की आशंका में जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई), लखनऊ की टीमों ने मधु पान मसाला और इससे जुड़े ट्रांसपोर्टर, सप्लायरों के 10 प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। मधु पान मसाला के ट्रांसपोर्टनगर स्थित दो फैक्टरियों, किदवईनगर, सिविल लाइंस स्थित कार्यालय और एमरॉल्ड स्थित फ्लैट पर भी कार्रवाई की गई। रेलवे ट्रांसपोर्टर का काम देखने वाले ट्रांसपोर्टर के सुतरखाना, तिलियाना स्थित आवास और नयागंज स्थित कार्यालय में भी छापा मारा गया। मधु पान मसाला के प्रतिष्ठानों पर मंगलवार रात को ही छापा मारा गया था। मधु पान मसाला ब्रांड और खैनी का कामकाज अनूप साहू देखते हैं। सभी जगहों पर अफसर दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच-पड़ताल में देर रात लगे रहे। सूत्रों के अनुसार डीजीजीआई की कार्रवाई केवल पान मसाला निर्माता तक सीमित नहीं रही। जांच के दायरे में सुपाड़ी आपूर्तिकर्ता, ट्रांसपोर्टर और अन्य सहयोगी फर्मों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों ने खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, माल की ढुलाई, ई-वे बिल, बैंक लेनदेन और लेखा अभिलेखों का मिलान शुरू किया है। बताया जा रहा है कि बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के साक्ष्य अब तक मिले हैं। डीजीजीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक अब तक जांच में सामने आया है कि वास्तविक कारोबार काफी बड़ा होने के बावजूद अभिलेखों में बिक्री कम दिखाकर जमकर टैक्स चोरी का खेल किया जा रहा था। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अधिकारियों ने कब्जे में लिए हैं जिनकी तकनीकी रूप से भी छानबीन की जा रही है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की कर चोरी की आशंका जताई जा रही है। कर चोरी में बड़ा नेटवर्क लगा है। सूत्रों ने बताया कि पान मसाला और खैनी से जुड़ा रेलवे ट्रांसपोर्ट का काम सुतरखाना निवासी दिलीप गुप्ता देखते हैं। वह पप्पू मीठा के उपनाम से ज्यादा जाने जाते हैं। अफसरों ने इनसे और इनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की। कई मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर का डाटा भी जब्त किया गया है।