बिठूर जिसे धरती का केंद्र बिंदु भी कहा जाता है। यहां ब्रह्मवर्त घाट पर स्थित ब्रह्ममाखूटी मंदिर पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सृष्टि की रचना के बाद यहां ब्रह्माजी ने अपने एक चरण पादुका गंगा किनारे छोड़ थी। तब से उनकी पादुका की कील की पूजा यहां अनादि वर्षों से होती चली आ रही है।