भीतरगांव ब्लॉक के सबसे आखिरीगांव में बनाए गए शालीमार बाग इन दिनों प्रशासन की अनदेखी और मौसम की बेरुखी की दोहरी मार झेल रहा है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण बाग में लगाए गए सैकड़ों पौधों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पौधों को बचाने के लिए किए गए दावे धरातल पर पूरी तरह धड़ाम साबित हो रहे हैं। ग्राम पंचायत ने न तो सिंचाई कराई और न ही पौधों में पानी डलवाया।