फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोकुल बाबा धाम: सदियों पुराना शिवधाम, जहां बाबा भोलेनाथ के दरबार में पूरी होती है हर मुराद

गोकुल बाबा धाम कानपुर मंडल के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध शिवधामों में शुमार है। भगवान भोलेनाथ को समर्पित इस मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, जबकि सावन, महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख पर्वों पर यहां भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि गोकुल बाबा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना भगवान शिव अवश्य पूरी करते हैं। मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति है कि इसका निर्माण चंदेल शासकों ने कराया था। हालांकि इसके स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन स्थानीय परंपराओं और जनश्रुतियों के आधार पर इसे सदियों पुराना शिवधाम माना जाता है। वर्षों से यह मंदिर कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, हरदोई, फतेहपुर और आसपास के जिलों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में प्रतिदिन जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना होती है। सावन के प्रत्येक सोमवार को भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। कांवड़िए गंगाजल लेकर पहुंचते हैं और भोलेनाथ का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं। गोकुल बाबा धाम केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां वर्षभर भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजन का आयोजन होता रहता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा के दरबार से आज तक कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें