आज के युवाओं को तकनीक, नए गैजेट्स, टूल्स के बारे में बहुत जानकारी है। अच्छी बात है, लेकिन उन्हें संस्कृति से जोड़े रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। शिक्षक छात्रों को एआई, एमएल के साथ संस्कार का भी पाठ पढ़ाएं। साथ ही छात्रों को जमीन से जुड़े होकर आसमान छूने की शिक्षा दें। ये बातें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहीं। सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर स्कूल के 42 साल और जेके ग्रुप संस्थान के 140 साल पूरे होने पर विद्यालय के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कोविंद ने कहा कि कानपुर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब की दिशा में आगे बढ़े।