बैरी मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अफसरों की अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी वर-वधू संग आए परिवारीजनों पर भारी रही। मुख्य द्वार पर ही कूड़े के ढेर से उठते जहरीले धुआं के कारण मौके पर मौजूद बच्चे, महिलाएं और दुल्हन परेशान रहीं, लेकिन कोई अधिकारी इसकी सुध लेता नहीं दिखा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सामूहिक विवाह में आए कई अधिकारी कार्यक्रम स्थल के समीप बने छात्रावास में आराम फरमाते रहे और वहीं पर अपने करीबियों, विभागीय जनों संग लजीज भोजन खाते नजर आए। जिलाधिकारी के लाख प्रयास के बाद भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत होने वाली शादी विवाह में अव्यवस्थाओं का बोलबाला बना हुआ है। मंगलवार को बैरी इंटर कालेज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय तक की समस्या रही। वहीं वर-वधू संग आए लोगों को नश्ता-भोजन के लिए धक्के खाने पड़े और बाउंसरों की मार भी छेलनी पड़ी। रमालालपुर दीपक पाल ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह अपने दोस्त की शादी में शामिल होने गए थे, जहां सामूहिक विवाह योजना के अंर्तगत वितरित हो रहे भोजन वधू पक्ष की महिलाओें-युवतियों को दिला रहे थे, तभी रसगुल्ला और पनीर की सब्जी मांगने पर न देने व वीडियो बनाने पर एक ठेकेदार के इशारे उनके संग कई अन्य बाउंसरों ने हमलाकर पिटाई आरंभ कर दी। शोर-शराबा सुनकर दौड़े ब्लाक प्रमुख शुभम बाजपेई ने जैसे -तैसे उनकी जान बचाई। इसी तरह रौतापुर निवासी दुल्हा के दोस्त शिवम कश्यप ने बताया कि वह सामूहिक विवाह में आए गाड़ी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं थी।