साढ़ थाना के पहेवा गांव में चल रही श्रीराम कथा के दौरान कथा वाचिका सर्वेश्वरी देवी ने सीता स्वयंवर की कथा सुनाई। महाराजा जनक की पुत्री राजकुमारी सीता के स्वयंवर में अयोध्या के राजकुमार श्री राम ने भारी सभा के बीच भगवान शिव के प्राचीन 'पिनाक' धनुष को भंग कर स्वयंवर की शर्त को पूरा किया। इस विजय के साथ ही श्री राम और माता सीता का विवाह निश्चित हो गया है।