धार्मिक पर्व सोमवती अमावस्या को लेकर मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु ट्रेनों के इंतजार में बैठे हुए हैं। लेकिन इस भारी भीड़ के बीच रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही और अव्यवस्थाओं का बोलबाला देखने को मिल रहा है। बीती रात जैसे ही स्टेशन की मुख्य बत्ती गुल हुई, प्लेटफॉर्म का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से घने अंधेरे में डूब गया। हजारों यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर रेलवे स्टेशन को केवल एक छोटे जनरेटर के सहारे छोड़ दिया गया है। जनरेटर के माध्यम से प्लेटफॉर्म के महज कुछ ही हिस्से में रोशनी हो पा रही है। जबकि अधिकांश हिस्सा पूरी तरह ब्लैकआउट का शिकार है। रात के समय मऊरानीपुर स्टेशन से लगभग आधा दर्जन प्रमुख ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में उमड़ी इस भारी भीड़ और पसरे अंधेरे के कारण श्रद्धालुओं के साथ कभी भी कोई अनहोनी या बड़ी दुर्घटना घट सकती है। सबसे ज्यादा खतरा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठाना पड़ रहा है। अंधेरे का सबसे ज्यादा फायदा स्टेशन पर सक्रिय रहने वाले चोर और जेबकतरे उठाते हैं। यात्रियों के सामान की सुरक्षा राम भरोसे है। प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं है और उस पर भी अंधेरा होने के कारण लोग अपने सामान को लेकर बेहद डरे और सहमे हुए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अव्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त करने और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। स्टेशन प्रबंधक जयसिंह राजावत ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान लगभग 6 फीट केवल कट गई थी। जिसे जोड़े जाने का कार्य किया जा रहा है। केवल आने के बाद विद्युत सुचारू रूप से शुरू हो पाएगी।