बड़ागंज निवासी वती कुशवाहा (60) अपने पुत्र बृषभान के साथ पथराई नदी पर बने रपटे के किनारे स्थित कच्चे मकान में रहती है। बृषभान ने बताया कि बृहस्पतिवार को रात लगभग साढ़े आठ बजे नगर के ही कुछ युवक उसके घर में घुस आए और शराब पीने लगे। आरोप है कि युवकों ने मुर्गा बनाने की बात कही, जिस पर उसकी मां ने विरोध करते हुए घर से जाने को कहा। वृषभान के अनुसार विरोध से नाराज युवकों ने मकान में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक घर में रखी 10 हजार रुपये नकद, खाने-पीने का सामान, आटा, कपड़े तथा अन्य गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने तक स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाई जा चुकी थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि खाने-पीने का सामान और कपड़े नष्ट हो जाने से उनके सामने जीवनयापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने व आर्थिक सहायता दिलाने की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।