केंद्र सरकार के बजट ने कारोबारियों को मायूस कर दिया। अमर उजाला कार्यालय में बजट पर केंद्रित संवाद में हिस्सा लेने पहुंचे कारोबारियों का कहना था कि महंगाई एवं व्यापार में पेश आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन, सरकार ने बजट में कोई ऐसा प्रयास नहीं किया। खास तौर से छोटे कारोबारियों को बाजार के जोखिम के हवाले कर दिया गया है। सराफा कारोबारी भी सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार से दखल की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उनकी भी उम्मीद पूरी नहीं हुई। सोने-चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों से कारोबार को नुकसान हो रहा है। सोने के जेवर बनाने में होलमार्क का इस्तेमाल होने पर सरकार को अब जेवरात खरीदने पर भी लोन का प्रावधान करना चाहिए। उनका कहना है कि सराफा कारोबारी आयात शुल्क में कटौती की उम्मीद कर रहे थे। इसका भी प्रावधान नहीं हुआ।