पांच दिन की प्रशासनिक कवायद के बाद शनिवार को आधीरात के बाद घुरहू बिंद का शव उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। मौके पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों के अंतिम दर्शन करने के बाद जौनपुर के रामघाट में दाह संस्कार करवा दिया। घुरहू के ज्येष्ठ पुत्र धीरज ने मुखाग्नि दी।