सादाबाद तहसील सभागार में 17 जनवरी को आयोजित तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में हाथरस जिले में बैंकिंग व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई। एक शिक्षिका ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि साहब मैं जिंदा हूं, मेरा बैंक खाता चालू करा दीजिए। मैं खाता सक्रिय कराने के लिए बैंक अधिकारियों के चक्कर लगा-लगाकर थक चुकी हूं। मामला राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हाथरस में कार्यरत सहायक शिक्षिका कुमुद शर्मा से जुड़ा है। शिक्षिका ने बताया कि 21 नवंबर 2025 को उन्हें जानकारी मिली कि उनका एसबीआई मुख्य शाखा का खाता ‘डिसीज्ड’ दिखाकर निष्क्रिय कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने लगातार बैंक जाकर, कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज कराके और ऑनलाइन माध्यम से चेयरमैन सहित उच्चाधिकारियों को ई-मेल भेजकर यह स्पष्ट किया कि वह जीवित हैं, फिर भी खाते को सक्रिय नहीं किया गया है।