वर्ष 2025 को 31 दिसंबर को हाथरस जिलेवासियों ने उत्साह और उमंग के साथ विदाई दी और साल 2025 का बांहें फैलाकर स्वागत किया। किसी ने गीत-संगीत की धमा-चौकड़ी के बीच ठुमके लगाए तो किसी ने तीर्थ स्थलों पर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। मंदिरों में कहीं भजन-कीर्तन तो कहीं सुंदरकांड का पाठ हुआ। रात 12 बजे जोरदार आतिशबाजी की गई।