गोंडा जिले के भौरीगंज स्थित सरयू नदी की सफाई और अविरल धारा बहाल कराने की मांग को लेकर रामजानकी मंदिर लाला घाट के 95 वर्षीय श्रीमहंत बाबा गोकरनदास फलाहारी बाबा ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। एकादशी के दिन अन्न-जल त्याग कर वे साधु-संतों, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ सरयू तट पर धरने पर बैठ गए। महंत बाबा गोकरनदास ने कहा कि बार-बार शिकायत और मांग के बावजूद प्रशासन ने सरयू नदी की सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सात सूत्री मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक अनशन जारी रहेगा। अनशन में शामिल साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि भौरीगंज स्थित पतित पावनी मां सरयू की धारा पूरी तरह जलकुंभी और गंदगी से पट गई है। नदी में जगह-जगह मरी हुई मछलियां तैर रही हैं और बाजार की कई गंदी नालियां सीधे नदी में गिर रही हैं, जिससे जल प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। अनशन में ताम्बेश्वर बाबा आश्रम फतेहपुर के साधु मोहन गिरी, नागा बाला गिरी, धर्म गिरी, पुरुषोत्तम गिरी सहित अन्य मौजूद रहे।