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बालू-माैरंग के ओवरलोड वाहनों की ढाल बनी पुलिस, वीडियो बना रहे युवक से छीना मोबाइल

बालू-माैरंग लदे ओवरलोड वाहनों पर लगाम क्यों नहीं लग रहीं है। इसका खुलासा मंगलवार को उस समय हो गया जब फोटो-वीडियो बनाने पर खुद पुलिस इन वाहनों की ढाल बनकर खड़ी हो गई। विजयीपुर चौराहे पर गुजर रहे ओवरलोड डंपरों का वीडियो बना रहे एक युवक से खुद पुलिसकर्मी ही भिड़ गए। आरोप है कि ओवरलोडिंग का सच कैमरे में कैद होते देख दरोगा और सिपाही भड़क उठे। उन्होंने युवक का मोबाइल छीन लिया गया, उसके साथ धक्का-मुक्की की और फर्जी मुकदमे में फंसाने तक की धमकी दे डाली। सिलमी गांव निवासी आयुष यादव का आरोप है कि विजयीपुर चौराहे पर टास्क फोर्स की मौजूदगी में ओवरलोड वाहन गुजर रहे थे। पुलिस और टास्क फोर्स मूकदर्शक बने रहे, जबकि चौकी का एक सिपाही वाहनों को पास कराने में शामिल दिख रहा था। आयुष ने इन ओवरलोड वाहनों के गुजरने का वीडियो बनाया। वीडियो बनाते देखकर चौकी के एक दरोगा और सिपाही ने एक डंपर चालक को गाली-गलौज की और उस पर लाठियां बरसाईं। इसके बाद दरोगा व सिपाही ने आयुष से भी गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। दरोगा ने आयुष का फोन छीनकर अपने पास रख लिया। आयुष ने पुलिस अधीक्षक को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सिपाही ने उसका फोन लौटा दिया। हालांकि, सिपाही ने आयुष को फर्जी लोकेटर बताकर झूठी प्राथमिकी दर्ज करने की धमकी भी दी। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। वायरल वीडियो के बाद चौकी पुलिस और टास्क फोर्स की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। थानाध्यक्ष योगेश कुमार मौके पर पहुंचे और कुछ देर रुकने के बाद लौट गए। उन्होंने बताया कि सड़क पर वीडियो बनाने को लेकर कहासुनी हुई थी। थानाध्यक्ष के अनुसार, डंपर तेज रफ्तार में गुजर रहे थे, जिन्हें रोकने या वीडियो बनाने से हादसा हो सकता था।

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