फर्रुखाबाद। गंगाजल को दूषित करने के मामले में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने नौ छपाई कारखानों को दोषी पाया है। क्षेत्रीय कार्यालय ने सभी कारखानों पर 31.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
गंगा में गिर रहे नाले के मुहाने पर लाखों मछलियां मरने का मामला अमर उजाला ने 19 अक्तूबर 2024 को प्रमुखता से अभियान के तौर पर प्रकाशित किया था। इसके बाद जागे अफसरों के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के अफसरों ने 24 अक्तूबर को टीम बनाकर सभी छपाई कारखानों की जांच की थी।
जांच में कई कारखानों में रंगीन पानी को शुद्ध करने के लिए लगा ईटीपी बंद पाया गया और कई में ईटीपी संचालित नहीं मिले। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कानपुर इकाई के अफसरों ने इसे गंभीरता से लिया। टीम ने कारखानों से लिए नमूनों की जांच रिपोर्ट के साथ आख्या मुख्य पर्यावरण अधिकारी लखनऊ को भेजी थी। उन्होंने जांच रिपोर्ट को गंभीरता से लेकर क्षेत्रीय अधिकारी को संबंधित छपाई कारखाना मालिकों को कारण बताओ नोटिस देने, जुर्माना डालने के निर्देश दिए थे।
क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने मेसर्स एसएन इंटरनेशनल ठंडी सड़क, मेसर्स पी. लाल एक्सपर्ट अंगूरीबाग, मेसर्स पांडेय डाइंग एंड प्रिंटिंग वर्क्स अंगूरीबाग, मेसर्स इंडिया प्रिंटर्स खानपुर, मेसर्स विजय प्रिंटर्स साहबगंज हरचंदराय पर 2.10-2.10 लाख रुपये, मेसर्स नवमित कुमार साध भगुआ नगला, मेसर्स सर्वसाध फैशन भगुआ नगला, मेसर्स सिल्क पैराडाइस अमेठी जदीद और मेसर्स आस्था इंटरप्राइजेज खानपुर पर 5.30-5.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
- ईटीपी न चलाने और न लगे होने के दोषी नौ छपाई कारखाना मालिकों पर जुर्माना लगाया गया है। इन्होंने समय से जुर्माना अदा नहीं किया, तो कारखाना बंद करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा दो अन्य कारखाना संचालकों को भी कारण बताओ नोटिस दिया है। - फरेश कुमार, सहायक अभियंता (पर्यावरण), कानपुर
दो कारखानों को कारण बताओ नोटिस
उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ठंडी सड़क स्थित मेसर्स सोबोध साध औद्योगिक क्षेत्र ठंडी सड़क और मेसर्स सविता फैशन खानपुर को कारण बताओ नोटिस देने की संस्तुति प्रदेश मुख्यालय की है। इन्हें जवाब न देने पर बंद करने को कहा है। प्रदूषण विभाग की सख्ती के बाद छपाई कारखाना संचालकों में दहशत है।
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प्रदूषण विभाग की टीम का 12 छपाई कारखानों में छापा, बंद मिले
फर्रुखाबाद। प्रयागराज में महाकुंभ और मेला रामनगरिया में 13 जनवरी को होने वाले प्रथम स्नान पर्व को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने छपाई कारखानों में छापा मारा। टीम को एक भी कारखाना चलता नहीं मिला। उप्र पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड ने महाकुंभ में होने वाले सभी मुख्य पर्व से पांच दिनों पहले छपाई कारखानों और नालों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसी के अनुपालन में कानपुर इकाई के सहायक पर्यावरण अभियंता फरेश कुमार की अगुवाई में टीम पहुंची। टीम ने अंगूरीबाग, खानपुर, चांदपुर, ठंडी सड़क औद्योगिक क्षेत्र, सधवाड़ा आदि क्षेत्रों में करीब 12 कपड़ा छपाई कारखानों में अचानक छापा मारा। कुछ कारखानों में बाहर से ताले लगे मिले, टीम ने उन्हें खुलवाकर देखा। टीम ने दावा किया कि किसी भी कारखाने में काम होता नहीं मिला। बंदी 11 तक चलेगी। इसके बाद मुख्य स्नान पर्व 13 जनवरी को भी कारखाने बंद रहेंगे। सहायक पर्यावरण अभियंता फरेश कुमार ने बताया कि किसी भी कीमत पर कारखानों में काम नहीं होने देंगे। (संवाद)
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मौसम खराब होने से कारखानों में काम बंद
कपड़ा छपाई का काम धूप खिलने पर ही होता है। करीब 10 दिन से आसमान में बादल घिरे रहने से चंद बड़े कारखानों, जिनमें हीटर लगे हैं, उन्हीं में छपाई का काम हो पा रहा है। अधिकांश कारखाने बंद हैं। हालांकि धूप खिलने पर टीमों को चौकस रहना होगा।