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चपाचप बनारसी और अडिग को याद किया, VIDEO

लाल टमाटर देहरादून काटो राजा दुन्नू जून के रचयिता डॉ. अजीत श्रीवास्तव उर्फ चपाचप बनारसी और वे हमें देखते हैं, हम उन्हें देखते हैं, मेरे उनके देखने में फर्क सिर्फ इतना है कि वो मेरा अवगुण देखते हैं हम तो सिर्फ गुण देखते हैं के रचयिता नरेंद्रनाथ दूबे अडिग की जयंती शुक्रवार को नगर के अलीनगर स्थित ज्योति कान्वेंट स्कूल में मनाई गई। अस्मिता नाट्य संस्थान के बैनरतले आयोजित समारोह में उपस्थित लोगों ने दोनों कवियों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके हुई गोष्ठी में चपाचप बनारसी और नरेंद्रनाथ दूबे अडिग के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की। कवि इंद्रजीत तिवारी 'निर्भीक' ने चपाचप बनारसी की रचना-लाल टमाटर देहरादून काटो राजा दून्नू जून, का करिहे कोतवाल सिपाही चूसेलन जनता का खून, कवि नरेंद्र नाथ दुबे अडिग एडवोकेट की रचना- वे हमें देखते हैं हम उन्हें देखते हैं हमारे उनके देखने में सिर्फ फर्क इतना है कि वह लोग हमारा अवगुण देखते हैं और हम लोग उनका गुण देखे हैं सुन कर उनके व्यंग्यात्मक लहजे को प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रमोद अग्रहरी ने कहा कि हास्य कवि चपाचप बनारसी और नरेंद्र दुबे अडिग जिस आयोजन में पहुंच जाते थे, वह कार्यक्रम चपाचप अडिग मय हो जाता था। ऐसे लोगों को हम सबको सदैव याद रखना चाहिए। नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि भीगी पलकें लुप्त हो चुकी अब उनकी आवाज, अपने धुन के माहिर थे चपाचप अडिग जी अब बची है सिर्फ उनकी आवाज सुनाकर स्मृति को तरोताजा किया। इस अवसर पर अनिल मौर्य, तापसी मंडल, दीप शिखा, निहारी लाल यादव, प्रकाश मंडल, आनंद तिवारी, वंदना शर्मा, दीपक बनर्जी, अनिता कुमारी, जानकी कुमारी, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत कृष्ण मोहन गुप्ता उर्फ बंटी ने किया।

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