बदायूं में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को शहर के रामलीला उद्यान में धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पिछले दिनों लखनऊ में आयोजित पार्टी कार्यक्रम के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित बल प्रयोग के विरोध में आयोजित किया गया था। धरना स्थल पर पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि यह मात्र धरना नहीं बल्कि सत्याग्रह है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर रैपिड एक्शन फोर्स और सीआरपीएफ के जवानों को आगे कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में तानाशाही जैसी स्थिति बन गई है। ओमकार सिंह ने कहा कि मनरेगा, बेरोजगारी, महंगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस संघर्ष करती रहेगी और किसी भी प्रकार के दबाव में आने वाली नहीं है। शहर अध्यक्ष मुन्ना लाल सागर और जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह राठौर ने संयुक्त रूप से कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए लगातार दमनकारी नीतियां अपना रही है। जिला उपाध्यक्ष सुनीता सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से दो दिन पूर्व ही पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कानूनी नोटिस दिए गए, कई नेताओं को नजरबंद किया गया और रास्तों में रोकने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यह सब दर्शाता है कि सरकार कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता से घबराई हुई है। धरना प्रदर्शन के दौरान शमीम अहमद खान (फौजी) महासचिव, एससी/एसटी कांग्रेस अध्यक्ष मुनेंद्र कनौजिया, शहर कांग्रेस कमेटी के महासचिव योगेंद्र शर्मा, रईस अहमद, श्याम कुमार, बख्तियारूद्दीन, हसन खान, प्रेमपाल, दिनेश कुमार, महेंद्र पाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।