बिजनौर। अफजलगढ़ के भूतपुरी रामगंगा नदी घाट पर गणपति जी की मूर्ति का विसर्जन करने आए उत्तराखंड के जसपुर के मोहल्ला नत्था सिंह निवासी दो भाई धर्मेंद्र (36) और विजेंद्र सिंह (34) पुत्र करन सिंह नदी में डूब गए। गोताखोर दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं। मंगलवार शाम लगभग साढ़े चार बजे दोनों भाई करीब 50 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ मूर्ति विसर्जित करने के लिए भूतपुरी स्थित रामंगगा घाट पर आए थे। रामगंगा पुल से करीब 800 मीटर दूर दोनों पांच अन्य युवकों के साथ विसर्जित करने के लिए गणपति जी की मूर्ति लेकर नदी में उतर गए। दोनों मूर्ति के साथ बहते हुए नदी में काफी दूर चले गए जबकि अन्य युवक किसी तरह निकल आए। देखते ही देखते दोनों भाई लोगों की आंखों से ओझल हो गए। साथ में आया कोई व्यक्ति उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सूचना पर सीओ आलोक सिंह तथा थानाध्यक्ष सुमित राठी, ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर स्थानीय गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों को तलाश किया लेकिन उनका कहीं पता नहीं लग सका। एसडीएम स्मृति मिश्रा ने बताया कि अंधेरा होने के कारण फिलहाल तलाश रोक दी गई थी। एनडीआरएफ को बुलाया गया है।