बरेली में करवाचौथ का पर्व बृहस्पतिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए निर्जल व्रत रखा। रात करीब 8:04 बजे चांद दिखने पर पूजा-अर्चना कर छलनी से पति का चेहरा देखा और उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोला। श्री हरि मंदिर और श्री बांके बिहारी मंदिर सहित कई मंदिरों में सामूहिक पूजा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। पंडित रमेश तिवारी और सुनील शास्त्री ने करवाचौथ की पौराणिक कथा सुनाते हुए व्रत का महत्व बताया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों और सोलह शृंगार के साथ उत्सव में भाग लिया। पतियों की ओर से दिए गए उपहारों ने पर्व की रौनक बढ़ाई।