बरेली नगर निगम के सदन में सोमवार को कुत्तों और बंदरों के हमलों का मसला सामूहिक रूप से गूंजा तो उन्हें पकड़ने के लिए टीमें बढ़ाने और प्रत्येक जोन के लिए अलग एजेंसी चयनित करने का निर्णय लिया गया। पार्षदों ने कहा कि शहर के लोग कुत्तों और बंदरों के आतंक से भयभीत हैं। अधिकारी झूठ बोलते हैं, वह बताएं कि बजट कहां खर्च हो रहा है। सिर्फ खानापूर्ति क्यों हो रही है? इस पर महापौर उमेश गौतम ने कहा कि एक एजेंसी के भरोसे न रहें। चारों जोन के लिए अलग-अलग एजेंसियों को काम सौंपे। सात दिनों के अंदर टेंडर निकाल दीजिए।