मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के लिए प्रस्तावित मॉडल।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के संचालन की कवायद पूरी हो रही है। दो विश्वविद्यालयों के कर्मियों की मदद से प्रशासनिक कार्यालय के संचालन की प्रक्रिया इसी सप्ताह पूरी होगी। इसके लिए डॉ. राम मनोहर अवध विश्वविद्यालय अयोध्या और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु से 58 कार्मिक जिले के विश्वविद्यालय को मिलेंगे। कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के कामकाज 16 जनवरी से शुरू होंगे।
अभी तक देवीपाटन मंडल के 167 महाविद्यालय दो विश्वविद्यालयों में बंटे हुए थे। श्रावस्ती व बलरामपुर जिले के महाविद्यालयों का संचालन सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु से हो रहा था। वहां की व्यवस्थाओं के अनुसार ही शिक्षण कार्य व परीक्षाएं होती थीं। इसके साथ ही गोंडा व बहराइच के डिग्री कॉलेजों का संचालन डॉ. राम मनोहर अवध विश्वविद्यालय अयोध्या से हो रहा था। जिले के विश्वविद्यालय में कामकाज शुरू होने के बाद चारों जिलों के डिग्री कॉलेज अब एक ही विश्वविद्यालय से संचालित होंगे। इसके लिए कार्मिक की व्यवस्था हो गई है। कुलपति ने बताया कि करीब 14 प्रोफेसर भी जल्द ही मिल जाएंगे। इसके अलावा बीते दिनों मुख्यमंत्री ने बैठक में अन्य पदों पर चयन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश शासन के अधिकारियों को दिया है, जिससे विश्वविद्यालय में पढ़ाई भी शुरू हो सकेगी।
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सामाजिक जरूरतों के हिसाब से खोले जाएंगे विभाग
देवीपाटन मंडल के जिलों की जरूरतों के हिसाब से विश्वविद्यालय में शिक्षा के लिए विभाग स्थापित होंगे। कुलपति ने कहा कि परंपरागत पढ़ाई के साथ ही जिले में संभावनाओं के आधार पर विभाग खोले जाएं। इसमें मंडल के लोगों से भी विचार विमर्श होगा। कुलपति ने कहा कि बलरामपुर जनजाति बहुल क्षेत्र है, उनसे जुड़े विभाग के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण उसके महत्व का भी ध्यान रखा जाएगा। धार्मिक और प्राकृतिक क्षेत्र होने को भी समाहित किए जाने की तैयारी है। औद्योगिक विकास से जुड़े पाठ्यक्रम और समाज कार्य विभाग भी संचालित करने के संकेत दिए।
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दिसंबर 2025 में अपने भवन में संचालित करने का संकल्प
विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण दिसंबर से पहले पूरा कराने की तैयारी है। कुलपति ने कहा कि पूरा प्रयास है कि दिसंबर 2025 से अपने भवन में विश्वविद्यालय का संचालन शुरू हो सके। इसके लि कुलसचिव व वित्त अधिकारी के साथ बैठक कर वार्ता भी की है। बताया कि विश्वविद्यालय तक फोरलेन रोड का निर्माण भी समय से पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।