बलरामपुर। जिला महिला अस्पताल में मंगलवार की दोपहर अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर मिली पुरैनिया तालाब मोहल्ले की सलमा काफी परेशान थीं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने उनकी देवरानी रेशमा को अल्ट्रासाउंड कराने को कहा है। दो दिन से वह आ रही हैं लेकिन, जांच नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर हैं।
यह समस्या किसी एक की नहीं, बल्कि जिला महिला अस्पताल में आने वाली उन सभी गर्भवती की थी, जिन्हें चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह दी थी। जिला महिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राज कुमार तीन दिनों के अवकाश पर हैं। इसके कारण जांच ठप है। स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार ओपीडी वाले दिनों में हर रोज करीब 30 से 40 महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच होती है, ऐसे में सोमवार व मंगलवार को जांच न होने से करीब 50 से 60 गर्भवती को परेशानी का सामना करना पड़ा। तीमारदार राम खेलावन, महेश, त्रिपुरारी ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को इसे लेकर आवश्यक प्रबंध करना चाहिए।
बाहर से जांच कराना मजबूरी
महिला अस्पताल में आईं शालू व प्रतिभा का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग को वैकल्पिक प्रबंध करना चाहिए, ताकि गर्भवती को परेशानी का सामना न करना पड़े। अवकाश की अवधि में अन्य अस्पतालों के रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी यहां पर लगाना चाहिए। पुनीता का कहना था कि बाहर से जांच कराना मजबूरी है। सरकारी अस्पताल में निशुल्क होने वाली अल्ट्रासाउंड जांच की फीस बाहर निजी केंद्रों पर 800 रुपये हैं, ऐसे में दिक्कत हो रही है।
शुरू करा दी मरम्मत
रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर रहने के कारण अस्पताल प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड कक्ष की मरम्मत व रंगाई-पुताई का काम शुरू करा दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक डॉक्टर अवकाश से वापस आएंगे तब तक कक्ष की मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा।
डॉक्टर के छुट्टी पर जाने से परेशानी
रेडियोलॉजिस्ट तीन दिन के अवकाश पर हैं। इसके कारण समस्या आ रही है। उनके आते ही जांच शुरू हो जाएगी। - डॉ. सुमन दत्त, सीएमएस जिला महिला अस्पताल