रुपईडीहा (बहराइच)। शांतिकुंज हरिद्वार से निकली दिव्य ज्योति कलश रथ यात्रा का भारत-नेपाल सीमा स्थित रुपईडीहा पहुंचने पर गायत्री परिवार के उपासकों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। रथ यात्रा के टोली नायक समर बहादुर सिंह ने बताया कि परम पूज्य भगवती देवी शर्मा 1926 में इस धरा धाम पर आई थीं, जिनका शताब्दी वर्ष 2026 में पूर्ण हो रहा है। इसी अवसर पर रथ यात्रा के माध्यम से विश्व शांति का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अखंड दीप के भी 100 वर्ष पूरे होने को हैं।रथ यात्रा को चार जोन में विभाजित किया गया है अयोध्या, नजीबाबाद, आवलखेड़ा और वाराणसी। अयोध्या जोन से जुड़े 23 जिलों में यह यात्रा पहुंचेगी। अयोध्या में 5 दिन प्रवास के बाद यात्रा आज रुपईडीहा पहुंची, जहां पर श्रीराम शर्मा के बताए उपदेश भी दिए गए। इस मौके पर रथ सारथी सूर्य कुशवाहा, जिला समन्वयक सूर्य प्रताप त्रिपाठी, अमित श्रीवास्तव, चंद्र प्रकाश तिवारी, मदन वर्मा, एसपी सिंह आदि मौजूद रहे। ब्लॉक स्तर पर पाटन दिन वर्मा, जगत वर्मा, सीताराम वर्मा, बृजेंद्र श्रीवास्तव, दया शंकर शुक्ला, पार्वती देवी, बिना श्रीवास्तव समेत सैकड़ों महिला-पुरुष उपासकों ने रथ यात्रा में शामिल होकर टोली नायक के उपदेश सुने।रथ यात्रा यहां से अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई।