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तेंदुए के हमले में घायल को बिना इंजेक्शन लगाए बना दिया इलाज का रिकॉर्ड, खुली PHC डॉक्टर की पोल

यूपी के बहराइच में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सुजौली में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। तेंदुए के हमले में घायल को इलाज के लिए लाने पर डॉक्टर ने कोई इंजेक्शन नहीं लगाया। लेकिन, सरकारी पर्ची पर कई इंजेक्शन लगाने का लेखा जोखा दर्ज कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मोतीपुर में इसका खुलासा हुआ तो अस्पताल परिसर में घंटों हंगामा हुआ। दरअसल, मंगलवार को तेंदुए के हमले में घायल किशुन को उसके परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सुजौली लेकर पहुंचे थे। पीएचसी में मौजूद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार करते हुए घाव पर पट्टी की। मरीज को सीएचसी, मोतीपुर के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टर द्वारा बनाई गई पर्ची में तीन इंजेक्शन लगाने का उल्लेख था। सीएचसी, मोतीपुर पहुंचने पर जांच कर रहे डॉक्टरों ने रेफरल पर्ची देखकर हैरानी जताई। बताया कि पर्ची में इंजेक्शन लगाने का उल्लेख है। लेकिन, मरीज के शरीर पर ऐसे किसी इंजेक्शन के निशान नहीं मिले। परिजनों से पूछा तो उन्होंने बताया कि कोई इंजेक्शन नहीं लगाया गया। परिजनों द्वारा जब मरीज की जिम्मेदारी ली गई, तब सीएचसी के डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाए और इलाज शुरू किया। उधर, पीएचसी के डॉक्टर आरपी सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इन्कार किया है। उनका कहना है कि संबंधित आरोप गलत हैं। वह मामले में कोई लापरवाही नहीं कर रहे हैं। सभी इंजेक्शन लगाए गए हैं। जख्मी किशुन के मामा रामू का कहना है कि इस तरह की लापरवाही सीधे मरीज के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मामले की जांच कर पीएचसी, सुजौली के डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सीएमओ को पत्र भेजा है।

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