बहराइच में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सीमा से आवागमन करने वाले नागरिकों का डेटा अब डिजिटल रूप से संरक्षित किया जा रहा है। भारत को नेपालगंज (जिला बांके) से जोड़ने वाली रूपईडीहा सीमा ट्रेड एंड ट्रांजिट सीमा है। वहां से व्यापार के साथ-साथ दोनों देशों के नागरिकों का आवागमन भी सुगम रूप से होता है। इसी के साथ भारत सरकार द्वारा समय-समय पर सुरक्षा को लेकर आवश्यक और अहम कदम उठाए जा रहे हैं। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 42वीं वाहिनी द्वारा रूपईडीहा सीमा चौकी पर एक विशेष प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल फेस स्कैनिंग और आईडी कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी थर्ड कंट्री नागरिक अवैध रूप से सीमा पार न कर सके और प्रस्तुत किए जा रहे पहचान पत्र असली हैं या नकली, इसकी सही पहचान हो सके। एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने कहा कि रूपईडीहा सीमा चौकी पर डिजिटल फेस स्कैनिंग और आईडी सत्यापन की व्यवस्था शुरू की गई है। इसमें कुछ समय लग सकता है और नागरिकों को थोड़ी असुविधा भी हो सकती है, लेकिन यह कदम उनकी और सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। इससे भविष्य में दोनों देशों की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। आयात,निर्यात करने के लिए सुरक्षित रूप से आईसीपी का निर्माण किया गया है।